हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां | हिंदी ब्लॉगरों के लिए एक लेख

Hello, नमस्कार दोस्तों, पिछले कुछ सालों में इंडिया में ब्लॉगिंग का क्रेज बहुत बढ़ा है। और ये एक अच्छा तरीका भी है अगर आप अपने विचारो को लोगो तक साझा करना चाहते है। या फिर दूसरों के लिए उपयोगी आर्टिकल लिख कर के उनकी मदद करना चाहते है। या फिर घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमाना चाहते है। कारन कोई भी हो लेकिन ब्लॉगिंग करने के लिए आपको कुछ टेक्निकल बातें आनी चाहिए और साथ में कुछ इनकम भी। जिससे आप अपना ब्लॉग या वेबसाइट आसानी से बना सके और उसे अपने हिसाब से मेनटेन रखते हुए चला सके। लेकिन दोस्तों ब्लॉगिंग शुरू करना जितना आसान है, उतनी ही मुश्किल है उसे लम्बे समय तक बनाये रखना। हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां, और मुश्किलें जो अक्सर नए ब्लॉगर के सामने होती है, यहाँ मै उन्ही के बारे में बाते करने वाला हूँ।

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां

➤आधार ज्ञान की कमी:-

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां - आधार ज्ञान की कमी

दोस्तों, हमारे देश के बारे में एक बात मुझे कहते हुए बिलकुल बुरा नहीं लगता की, हमारे एजुकेशन सिस्टम का उद्देश्य लोगों को ज्ञान नही, बल्कि कागज का एक टुकड़ा जिसे सर्टिफिकेट कहते हैं, देने तक ही सीमित हो गया है। ऐसे बहुत से लोग मैंने देखे हैं, जिन्होंने जिस क्षेत्र में ग्रेजुएट किया हुआ है, उसी से सम्बंधित क्षेत्र के सामान्य समस्याओं और प्रश्नों को भी नहीं सुलझा सकते। मैंने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग किये ऐसे लोगों को भी देखा है, जिन्हें कंप्यूटर, मोबाइल और इन्टरनेट जैसी चीजों के बारे में बेसिक नॉलेज भी नही है।

दोस्तों, मेरी बातों को गलत तरीके से ना लीजियेगा। गलती उसमें उन लोगों की हो सकती है जिन्होंने शिक्षा ग्रहण करने में कोताही की है। लेकिन और भी लोग हैं जो दिल से शिक्षा ग्रहण करना चाहते थे, लेकिन फिर भी उनके साथ ये बाते होती है। तो गलती हमारे एजुकेशन सिस्टम की है।

ये सब उदाहरन देने का मेरा उद्देश्य ये बताना है की, ऐसे बहुत सारे लोग है हमारे देश में, जो ब्लॉगिंग के जरिये पैसे कमाना या फिर लोगो के सामने कुछ नया प्रस्तुत तो करना चाहते है, लेकिन टेक्निकल नॉलेज में ज्यादा पकड़ नही होने के कारन वो अपना ब्लॉग सेटअप नही कर पाते। या उतने सही और इफेक्टिव तरीके से नहीं कर पाते की लोगो को आकर्षित और प्रभावित कर सके।

ब्लॉगिंग शुरू करने के और उसे मेन्टेन बनाये रखने के लिए ज्यादा नही लेकिन कुछ ना कुछ टेक्निकल बातें तो आपको आनी ही चाहिए। लेकिन अब हर कोई तो कंप्यूटर साइंस नही पढ़ता है ना, पर ब्लॉगिंग के लिए उनके पास अपना खुद का स्किल होता है। जैसे की कोई खाना बनाने में माहिर है तो वो ऐसा ब्लॉग बना सकता है जो लोगों को नए-नए तरीके के व्यंजन बनाना सिखाये। कोई रोगों के उपचार के लिए भी ब्लॉग बनाना चाहेगा। कोई व्यायाम और योग के लिए। तो इस तरह बहुत से लोग है जो ब्लॉगिंग में कदम रख के कुछ नया कर सकते हैं। लेकिन बात फिर वही आती है कुछ टेक्निकल नॉलेज की।

तब अधिकतर लोग तो ब्लॉगिंग का सोचना बंद कर देते है और कुछ अज्ञानवस इधर-उधर ज्यादा पैसा खर्च कर देते है। और कुछ समय बाद ब्लॉग से मोह भंग होक ब्लॉग्गिंग बंद कर देते है। वैसे आप सारी जरुरी नॉलेज को खुद यहाँ-वहाँ से सीख सकते है, लेकिन बात फिर आती है की हमारे एजुकेशन सिस्टम ने हमें “सीखना” ही नही सिखाया है। इसीलिए मैंने ऊपर वो उदाहरन दिए थे।

➤हिंदी ब्लॉगिंग से पैसे कमाई में मुश्किलें:-

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां - हिंदी ब्लॉगिंग से पैसे कमाई में मुश्किलें

ये बात तो आप भी जानते है की ब्लॉगिंग में पैसा कमाना आसान नही है। कुछ सालों पहले तक तो हिंदी वेबसाइट पैसे कमा भी नही पाते थे। आज अगर जो क्रेज बढ़ा है हिंदी ब्लॉगिंग का तो उसमे एक बड़ा कारन है Adsense द्वारा हिंदी ब्लोग्स को सपोर्ट करना। ब्लॉगिंग से पैसे कमाने का सबसे अच्छा तरीका होता है Affiliate मार्केटिंग और एड नेटवर्क जैसे Adsense उपयोग करना।

लेकिन Affiliate मार्केटिंग अभी भी हिंदी ब्लॉगिंग से कुछ दूर ही है, इसलिए जो बढ़िया तरीका हमारे पास है पैसे कमाने का, वो है Adsense। इन जैसे दूसरे कई एड नेटवर्क तो हिंदी साईट को सपोर्ट ही नही करते। जिनमें लैंग्वेज पर कोई रोक नही है, उनके एड हिंदी साईट के हिसाब से नही बने होते है, तो उनसे भी पैसे कमाने के चांसेस कम हो जाते है। लेकिन ये बातें तो आपको भी पता होंगी कि अभी भी ब्लॉगिंग से अच्छे पैसे कमाना इंडिया में थोड़ा मुश्किल है। अमेरिका, कनाडा, UK जैसे देशो के रीडर्स को टारगेट करना पड़ता है। ज्यादा पैसे कमाने के लिए। लेकिन हिंदी ब्लॉगर के लिए ये तो लगभग नामुमकिन है। बल्कि हिंदी ब्लॉग इंडिया के लोगो के लिए ही होते है।

वैसे adsense जो ब्लॉगर के लिए सबसे अच्छा तरीका होता है पैसे कमाने का, वो अभी हिंदी ब्लोग्स को सपोर्ट तो कर रहा है लेकिन उससे भी अभी ज्यादा पैसे नही कमाए जा सकते। क्योंकि उसमें CPC, RPM जैसी कुछ टेक्निकल चीजें हैं जो country, लैंग्वेज, niche,ट्रैफिक आदि से निर्धारित होता है, और इस हिसाब से हिंदी ब्लॉगिंग अभी उस लेवल पर नहीं पहुंचा है कि adsense से तगड़ी कमाई की जा सके।

और सबसे बड़ा फैक्ट जो ब्लॉग से कमाई करने के लिए जिम्मेदार है वो है बहुत सारे अच्छे रीडर्स और ब्लॉग पे अच्छा खासा ट्रैफिक, तो पैसे कमाने वाले ब्लॉगर के लिए ये आवश्यक है की, हिंदी ब्लॉगिंग को थोड़ा एडवांस लेवल में ले जाये। जिससे टेक्निकली भी और ट्रैफिक के अनुसार भी तगड़ी कमाई हो सके। और वो ब्लॉगर जिनका मुख्य उद्देश्य पैसे कमाना नही है, बल्कि जो अपने पैशन से ब्लॉगिंग करते है उनके लिए भी ये जरुरी है की अपने ब्लॉग को रीडर्स की पसंद बनाये।

➤हिंदी ब्लोग्स में ऑडियंस/रीडर्स की कमी:-

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां - हिंदी ब्लोग्स में ऑडियंस/रीडर्स की कमी

तो दोस्तों, हम हिंदी ब्लॉगर के लिए अभी के समय में ये सबसे बड़ी समस्या है की हम ब्लॉगिंग से अच्छे पैसे आसानी से कैसे कमायें? तो मेरा मानना ये है की, जब इंडिया में हिंदी ब्लॉगिंग का स्तर बढेगा, रीडर्स और ब्लॉगर एडवांस लेवल में आ जायेंगे, तो बहुत सारे एड नेटवर्क और एफिलिएट मार्केटिंग खुद-ब-खुद हिंदी ब्लॉगिंग मार्किट की और आकर्षित हो जायेंगे। जैसे की हमेशा होता है, बड़ी कंपनियों को जहाँ पर बड़ा और अच्छा मार्किट दिखता है, वो उस मार्किट में टांग फंसा ही देते है।

अभी भी हिंदी ब्लॉगिंग की दुनिया में अच्छे और क्वालिटी वाले हिंदी ब्लॉग की संख्या बहुत कम है, जिसके कारन बहुत से बोगस हिंदी ब्लॉग आजकल चल रहे है, जो रीडर्स को हिंदी ब्लॉगिंग से दूर कर रहे है। जिस कारण हमारे हिंदी ब्लॉगिंग को अच्छे और सच्चे रीडर्स की कमी से जूझना पड़ रहा है। और मेरे ख्याल से जब हिंदी ब्लॉगिंग एडवांस लेवल में आ जायेगा तो ऑनेस्ट रीडर्स भी बढेंगे तो जाहिर है कमाई भी बढ़ेगी।

➤हिंदी ब्लॉगिंग में कॉम्पीटीशन:-

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां - हिंदी ब्लॉगिंग में कॉम्पीटीशन

दोस्तों, कुल मिलाकर बात ये आती है की हम ऐसा कैसे करें? दोस्तों, मेरा मानना ये है की सब ब्लॉगर मिलकर ब्लॉगिंग को आगे बढ़ाये तो ये काम आसान हो जायेगा। मिलकर ब्लॉगिंग को आगे बढ़ाये से यहाँ मेरा मतलब है, एक दुसरे की नॉलेज को शेयर करके अपने-अपने ब्लॉग को और बेहतर बनाना। देखिये मैं एक उदहारण देता हूँ।

मान लो कि ब्लॉगर A के पास अपने ब्लॉग के पोस्ट को शेयर करने का अच्छा तरीका है। वो इस तरीके का उपयोग भी करता है, लेकिन उसके पोस्ट और ब्लॉग डिजाईन और बाकि चीजें अच्छी नहीं हैं। तो रीडर्स उसके ब्लॉग में आना ज्यादा पसंद नही करते। या फिर आते है तो बिना कुछ पढ़े वापस चले जाते हैं। और एक दूसरे ब्लॉगर B के पास अच्छे पोस्ट तैयार करने का टैक्टिक है। वो पोस्ट तो अच्छे तैयार करता है, लेकिन साईट का डिजाईन अच्छा नही होने के कारन पोस्ट आकर्षक नही लगता। और कंटेंट मार्केटिंग स्ट्रोंग ना होने के कारन उसके मेहनत से तैयार किये गये अच्छे पोस्ट लोगो तक पहुँच ही नही पाते। और एक तीसरा ब्लॉगर है C जिसने अपने ब्लॉग का डिजाईन तो अच्छा कर रखा है लेकिन पोस्ट क्रिएशन और शेयरिंग वो अच्छा नहीं कर पाता इसलिए उसकी मेहनत का भी उसे फल नही मिल पाता।

दोस्तों, हम कॉम्पीटीशन २ मुख्य कारणों से करते है,

  1. सामने वाले से आगे जाने के लिए या फिर,
  2. पीछे वाले को आगे ना बढ़ने देने के लिए।

इसी कारण से एक दूसरे की मदद नही करते।

☑क्यों ना मिलके आगे बढ़ें:-

हिंदी ब्लॉगिंग में कुछ चुनौतियां - क्यों ना मिलके आगे बढ़ें

ऊपर उदहारण में देखिये, कौन आगे जा रहा है? दोस्तों कोई नही, सब अटके है अपनी जगह पर। और अभी हिंदी ब्लॉगिंग की कुछ हद तक यही हालत है। तो अब वो लोग क्या करेंगे? या तो वो वहीं अटके रहेंगे? या फिर अपनी कमी को पूरा करने के लिए पेड सर्विस लेंगे?

मेरे हिसाब से वो लोग एक काम और कर सकते है जो अक्सर आज के लोग करना नहीं चाहते, पेड सर्विस लेने या वही अटके रहने के बजाय एक दूसरे की मदद करके आगे बढ़ते। A ने B और C की मदद की। B ने A और C की। और C ने A और B की। न उन्हें पैसे खर्च करने पड़े न वही अटके रहे न किसी का नुकसान हुआ? बुरा क्या है? हम कॉम्पीटीशन के भावी सिद्धांत में भरोसा नही करते।

✍इस आर्टिकल का सार:-

दोस्तों, मेरा ये पोस्ट लिखने के पीछे भी यही कारन है कि मै चाहता हूँ की सारे हिंदी ब्लॉगर कॉम्पीटीशन छोड़ के एक दूसरे की हेल्प करें तो। हम आसानी से हिंदी ब्लॉगिंग के लेवल को बहुत ऊपर तक ले जा सकते है। और जल्दी। आपस में लड़ के कभी नही। दोस्तों, यहाँ तक की कृष्ण के सारे यादव वंश का विनाश कृष्ण के सामने ही आपस में लड़ के हो गया था। और वो कुछ नही कर पाए थे।

तो दोस्तों मै यही कहना चाहता हूँ की अगर आप ब्लॉगिंग में सफल होना चाहते है तो, ब्लॉगिंग एडवांस बनाने में मदद करे कॉम्पीटीशन छोड़े और साथ चलना शुरू करें। इससे फायदा सबका होगा नुकसान किसी का नही।

मैंने बहुत से ऐसे ब्लॉग देखे है जो स्ट्रगल कर रहे है। और हिंदी में रिसोर्सेज और टूल्स और दूसरी आवश्यक चीजें ना होने के कारन, उनका स्ट्रगल और ज्यादा हो जाता है। हिंदी ब्लॉगर की इन्ही स्थितियों को देख के, उनकी मदद करने और दूसरे ब्लॉगर को एक दूसरे की मदद करने को प्रेरित करने के लिए मैंने ये आर्टिकल लिखा है।

☺और अंत में

दोस्तों इस पूरे लेख में मैंने जो बातें लिखी हैं, वो मेरे खुद के विचार है। जैसा की मै कोई ज्ञानी नही हूँ, हो सकता है की मेरी कुछ बाते सही नही हो, या फिर सारी बाते भी गलत हो सकती है। मेरे ये विचार पढ़ने के बाद आप क्या सुझाव देना चाहते है? और इस मामले में आपकी क्या राय है? आपके विचार हम आमंत्रित करते है।

¤ धन्यवाद¤

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